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हे शारदे मॉं, हे शारदे मॉं,
अज्ञानता से हमें तार दे मॉं।
तू स्वर की देवी है, संगीत तुझसे,
हर शब्द तेरा है, हर गीत तुमसे।
हम हैं अकेले, हम हैं अधूरे,
तेरी शरण में हमें तार दे मॉं।
हे शारदे मॉं...
मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी,
वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी।
हम भी तो समझें, हम भी तो जानें,
विद्या का हमको अधिकार दे मॉं।
हे शारदे मॉं...
तू श्वेत वर्णी, कमल पे विराजे,
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे।
मन से हमारे, मिटा दे अंधेरे,
उजालों का हमको संसार दे मॉं।
हे शारदे मॉं...
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